आणंद: गुजरात के आणंद जिले में एक बांग्लादेशी मूल की महिला का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 12 साल पहले प्रेम विवाह के लिए भारत आई महिला अब डिपोर्टेशन की प्रक्रिया का सामना कर रही है, जबकि उसका परिवार उसे भारत में ही रहने देने की मांग कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, आणंद के लम्भवेल गांव निवासी तरुण पटेल की मुलाकात कई वर्ष पहले फेसबुक के माध्यम से बांग्लादेश की रहने वाली काजुली से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। बताया जाता है कि काजुली शादी के उद्देश्य से भारत आना चाहती थी, लेकिन पासपोर्ट बनवाने के प्रयास सफल नहीं हो सके।
इसके बाद वह वर्ष 2016 में पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत पहुंची और गुजरात आकर तरुण पटेल से विवाह कर लिया। परिवार के अनुसार, विवाह के बाद उसने हिंदू धर्म अपनाया और अपना नाम काजल रखा। वर्तमान में दंपती के दो बेटे हैं, जिनमें एक की उम्र 8 वर्ष और दूसरे की उम्र 2 वर्ष बताई जा रही है।
हाल ही में बांग्लादेश में रह रही अपनी बीमार मां से बातचीत के दौरान की गई एक फोन कॉल जांच एजेंसियों के संज्ञान में आई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पाया कि महिला भारत में वैध दस्तावेजों के बिना रह रही थी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
महिला के पति तरुण पटेल का कहना है कि उनकी पत्नी किसी गलत उद्देश्य से भारत नहीं आई थी, बल्कि प्रेम और विवाह के कारण यहां आई थी। उनका दावा है कि अब उसका पूरा जीवन भारत में बस चुका है और उसके दो छोटे बच्चे हैं। परिवार ने सरकार से मानवीय आधार पर मामले पर विचार करने और नागरिकता देने की मांग की है।
दूसरी ओर, कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित एजेंसियां महिला की नागरिकता और भारत में रहने की वैधता से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है और परिवार सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठा है।
फिलहाल, महिला के भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद ही सामने आएगा।
