देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून तक 22 राज्यों में पहुंच चुका है, लेकिन पिछले पांच दिनों से इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून फिलहाल मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। विभाग का अनुमान है कि 5 जुलाई तक मानसून देश के बाकी राज्यों को भी कवर कर लेगा।
इस बीच असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वहीं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के कई शहरों में गर्मी का असर बना हुआ है। राजस्थान के फलोदी में देश का सबसे अधिक 43.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि अहमदाबाद में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
बारिश से जुड़े हादसे भी सामने आए हैं। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में उफनते पुल को पार करते समय एक ट्रैक्टर बह गया, जिसका चालक अब भी लापता है। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवार गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई, जबकि सुकमा में आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की जान चली गई और चार लोग घायल हो गए।
मौसम विभाग के अनुसार 30 जून और 1 जुलाई को छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, केरल, गोवा, तमिलनाडु, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम सहित कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है।
