देशभर में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के केरल पहुंचने के साथ ही कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। इसके चलते लोगों को लंबे समय से जारी गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने देश के करीब 19 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। कई क्षेत्रों में 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में तापमान में गिरावट आने और गर्मी से राहत मिलने की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। किसानों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है ताकि फसलों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दक्षिण भारत में भी मॉनसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है। समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
पर्वतीय राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम का असर दिखाई देगा। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
हालांकि देश के कुछ हिस्सों में अभी भी उमस बनी रह सकती है। विशेष रूप से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और कुछ पूर्वोत्तर क्षेत्रों में तापमान अधिक रहने के कारण लोगों को गर्मी का एहसास हो सकता है। बावजूद इसके, स्थानीय स्तर पर बारिश की गतिविधियां मौसम को राहत देने का काम करेंगी।
मॉनसून की प्रगति पर नजर डालें तो दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में यह कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में और आगे बढ़ सकता है। जून के दूसरे सप्ताह तक महाराष्ट्र, तेलंगाना और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में मॉनसून पहुंचने की संभावना है।
मध्य भारत में मॉनसून के मध्य जून तक सक्रिय होने का अनुमान है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में जून के अंतिम सप्ताह तक मॉनसून पहुंच सकता है। यदि मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में 25 जून के आसपास मॉनसूनी बारिश शुरू हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम की बदलती परिस्थितियों के बीच लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। फिलहाल बारिश की यह गतिविधियां देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी से राहत देने वाली साबित हो रही हैं।
