देशभर में मानसून की गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। दक्षिण भारत से शुरू हुआ मानसून अब 13 राज्यों तक पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में दस्तक दे सकता है। मानसूनी हवाओं और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर अभी भी बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मंगलवार को तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और जनजीवन प्रभावित हुआ। वहीं कर्नाटक के बेंगलुरु और बेलगावी में भारी बारिश के चलते कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। कुछ इलाकों में वाहन पानी के तेज बहाव में बहते हुए दिखाई दिए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
केरल और कर्नाटक में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश जारी है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
13 राज्यों तक पहुंचा मानसून
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून 4 जून को केरल पहुंचा था और केवल पांच दिनों के भीतर 13 राज्यों तक फैल गया। हाल ही में मानसून ने तेलंगाना में प्रवेश किया है। इससे पहले यह असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और त्रिपुरा तक पहुंच चुका था।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 से 72 घंटों में मानसून महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। पश्चिमी तट पर मानसून अब मुंबई से लगभग 150 किलोमीटर दूर है और अगले दो दिनों में उसके मुंबई पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
कई राज्यों में बारिश और तूफान का अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है।
दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी व्यापक बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
11 जून को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी आंधी और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
उत्तर भारत में गर्मी का असर कायम
मानसून की प्रगति के बावजूद राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और लू का असर अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने आठ राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। वहीं दिल्ली में भी तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।
गुजरात पर नजर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून गुजरात के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन से राज्य में तापमान में गिरावट और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष मानसून की रफ्तार सामान्य से बेहतर दिखाई दे रही है, जिससे खरीफ फसलों और जल भंडारण पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि कई क्षेत्रों में तेज बारिश और आंधी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
