पटना में चर्चित फायरिंग मामले में मशहूर शिक्षक खान सर को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना सिविल कोर्ट ने अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने पुलिस को मामले की केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया है।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान खान सर की ओर से पेश अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआर ने अदालत को बताया कि फायरिंग किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि आत्मरक्षा के उद्देश्य से की गई थी। उनका कहना था कि घटना के दौरान भय फैलाने या किसी पर हमला करने की मंशा नहीं थी।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश दिया कि अगली सुनवाई या नए आदेश तक खान सर के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जून को होगी।
हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट का मामला
खान सर के खिलाफ पुलिस ने हत्या के प्रयास और हथियारों के कथित अवैध इस्तेमाल से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि फायरिंग के दौरान उन्होंने अपने सुरक्षा गार्डों से गोली चलाने के लिए कहा था।
हालांकि खान सर लगातार यह कहते रहे हैं कि उनके सुरक्षा कर्मियों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी और किसी व्यक्ति को निशाना बनाकर गोली नहीं चलाई गई।
गार्ड्स की जमानत पर फैसला सुरक्षित
इसी मामले में गिरफ्तार सुरक्षा गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। अदालत ने पुलिस से घटना से जुड़े सबूत मांगे हैं। दोनों गार्ड्स को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था।
कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है और जमानत पर फैसला जल्द सुनाया जा सकता है।
रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज
दूसरी ओर, कोचिंग विवाद से जुड़े मामले में जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को राहत नहीं मिली। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को पटना में छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला था। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने रिहाई की मांग करते हुए नारेबाजी की और मामले को निष्पक्ष तरीके से जांचने की मांग की।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना के बाद सामने आए एक वीडियो में खान सर ने कहा था कि मौके पर मारपीट हो रही थी और पुलिस समय पर नहीं पहुंच सकी। उनका तर्क था कि सुरक्षा गार्डों का काम संकट की स्थिति में लोगों की रक्षा करना होता है और इसी कारण उन्होंने आत्मरक्षा में कदम उठाया।
हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों के बीच भी चर्चा का विषय
घटना के बाद खान सर का एक वीडियो भी सामने आया जिसमें वे छात्रों को सीसीटीवी फुटेज दिखाते नजर आए। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि घटना से जुड़े कुछ अहम आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है और मामले का फोकस दूसरी दिशा में ले जाया जा रहा है।
फिलहाल पूरे मामले पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की नजर बनी हुई है। 20 जून को होने वाली अगली सुनवाई इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
