केरल में शिगेला संक्रमण के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वायनाड जिले में एक स्कूल से जुड़े कई छात्रों में संक्रमण जैसे लक्षण मिलने के बाद प्रशासन ने निगरानी और जांच तेज कर दी है। फिलहाल 25 छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि सैकड़ों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि कोझिकोड मेडिकल कॉलेज की एक विशेष चिकित्सकीय टीम को वायनाड भेजा गया है ताकि संक्रमण की स्थिति का आकलन किया जा सके और मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।
वायनाड में बढ़ी चिंता
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वायनाड के एक स्कूल के दो छात्रों में शिगेला संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके अलावा कुल 339 लोगों में संक्रमण जैसे लक्षण पाए गए हैं। इनमें से 21 मरीज सुल्तान बाथेरी तालुक अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 38 अन्य मरीज निजी अस्पतालों में उपचार ले रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर है और किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं है। हालांकि संक्रमण की प्रकृति को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इससे पहले पतनमथिट्टा और अलप्पुझा जिलों में भी शिगेला संक्रमण के मामले सामने आए थे। हाल ही में एक चार वर्षीय बच्ची की शिगेला संक्रमण के कारण मौत भी हो चुकी है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और अधिक सतर्क हो गया है।
वायनाड में सामने आए नए मामलों के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्कूलों, छात्रावासों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान तेज कर दिया है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 21 नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया था। इनमें से दो नमूनों में शिगेला संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि बाकी रिपोर्टों का इंतजार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर पहचान और उपचार से संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।
क्या है शिगेला संक्रमण?
शिगेला एक अत्यधिक संक्रामक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है। यह आंतों को प्रभावित करता है और इसके कारण दस्त, पेट दर्द, बुखार, उल्टी तथा कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए यह संक्रमण गंभीर साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ साफ-सफाई बनाए रखने, सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने और भोजन से पहले हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
केरल स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
राज्य सरकार का दावा है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए निगरानी और जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।
