हरियाणा के गुरुग्राम में एक रिटायर्ड आर्मी अधिकारी और उनके परिवार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। रिटायर्ड मेजर हेमेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि ड्रिंक-ड्राइविंग चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने उनके और उनके परिवार के साथ अपमानजनक व्यवहार किया तथा उन्हें आधी रात को करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर रोके रखा।
मेजर सिंह ने इस संबंध में गुरुग्राम पुलिस आयुक्त को लिखित शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के बाद मामले की जांच ACP ट्रैफिक ईस्ट को सौंप दी गई है।
डिनर से लौटते समय रोकी गई कार
शिकायत के अनुसार, 7 जून की रात मेजर हेमेंद्र सिंह अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ गोल्फ कोर्स रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में डिनर करने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस की एक टीम ने उनकी कार को ड्रिंक-ड्राइविंग जांच के लिए रोक लिया।
मेजर सिंह का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अल्कोहल जांच के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि ब्रेथलाइजर डिवाइस का इस्तेमाल बिना नया स्ट्रॉ या नोजल लगाए किया गया, जबकि इससे पहले उसी उपकरण का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति की जांच में किया गया था।
दोबारा जांच की मांग पर बढ़ा विवाद
रिटायर्ड अधिकारी के मुताबिक, उन्होंने नए स्ट्रॉ के साथ दोबारा जांच की मांग की, लेकिन इस पर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी नाराज हो गए और कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे।
उन्होंने कहा कि पहली जांच के बाद भी जब कोई नशे की पुष्टि नहीं हुई, तब भी उन्हें जाने नहीं दिया गया। बाद में दोबारा की गई जांच में भी परिणाम सामान्य आया, लेकिन परिवार को देर रात तक सड़क पर रोके रखा गया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में मेजर की बेटी कार के अंदर बैठी दिखाई दे रही है, जबकि उनकी पत्नी सड़क किनारे खड़ी होकर भावुक नजर आ रही हैं। वहीं मेजर पुलिसकर्मियों से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
112 पर कॉल करने का दावा
मेजर हेमेंद्र सिंह ने शिकायत में कहा है कि जब उन्हें लगा कि उनके साथ अन्याय हो रहा है, तो उन्होंने डायल-112 पर कॉल कर सहायता मांगी। उनका आरोप है कि जैसे ही स्थानीय पुलिस को शिकायत की जानकारी मिली, वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौके से चले गए।
हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आतंकी मुठभेड़ में घायल हो चुके हैं मेजर
शिकायत में मेजर सिंह ने अपने सैन्य करियर का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनके अनुसार, उस ऑपरेशन में उनकी टीम ने तीन आतंकियों को मार गिराया था।
वर्ष 2007 में स्वास्थ्य संबंधी कारणों और स्थायी विकलांगता के आधार पर वे सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्तमान में वे एक निजी कॉर्पोरेट संस्था में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं।
जांच शुरू, रिपोर्ट का इंतजार
गुरुग्राम पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर ACP ट्रैफिक ईस्ट पूरे मामले की जांच करेंगे और संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि ड्रिंक-ड्राइविंग जांच के दौरान नियमों का पालन हुआ था या नहीं तथा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
