उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े ऑडियो विवाद मामले में पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक Suresh Rathore को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें हरिद्वार के बुग्गावाला स्थित कार्यालय से हिरासत में लेकर देहरादून के डालनवाला थाने पहुंचाया, जहां औपचारिक गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस के अनुसार, सुरेश राठौर का नाम उस विवादित ऑडियो और वीडियो मामले में सामने आया है, जो अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि कुछ कथित क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए, जिनके जरिए भाजपा नेताओं की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी Dushyant Kumar Gautam सहित शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि वायरल सामग्री का उद्देश्य राजनीतिक बदनामी करना था। कुछ क्लिप में कथित तौर पर वरिष्ठ भाजपा नेताओं का उल्लेख भी किया गया था, जिससे विवाद और गहरा गया।
हालांकि सुरेश राठौर ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन्होंने कोई ऑडियो या वीडियो क्लिप जारी नहीं की और न ही पार्टी नेतृत्व या मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई टिप्पणी की है। उनका दावा है कि उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश रची गई है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में राठौर के खिलाफ दर्ज चार एफआईआर में से दो को रद्द कर दिया था, जबकि दो अन्य मामलों में जांच जारी रखने की अनुमति दी थी। इसी बीच पुलिस की कार्रवाई ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
उल्लेखनीय है कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी, जो पौड़ी जिले के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं, सितंबर 2022 में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थीं। बाद में उनका शव बरामद हुआ था। इस घटना ने पूरे उत्तराखंड में भारी आक्रोश पैदा किया था और मामले में रिसॉर्ट मालिक सहित तीन लोगों को दोषी ठहराया गया था।
अब सुरेश राठौर की गिरफ्तारी के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस के केंद्र में आ गया है।
