राष्ट्रीय राजधानी में अचानक आए तेज तूफान और भारी बारिश ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर बड़ा नुकसान पहुंचाया। खराब मौसम के दौरान तेज हवाओं की वजह से ग्राउंड सपोर्ट उपकरण अपनी जगह से खिसक गए और एयर इंडिया के तीन विमानों से टकरा गए। इस घटना में विमानों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी यात्री या कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार घटना एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 स्थित पार्किंग बे क्षेत्र में हुई, जहां एयर इंडिया के कई विमान खड़े थे। अचानक तेज हवाएं चलने और बारिश शुरू होने से ग्राउंड हैंडलिंग उपकरणों पर नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो गया।
इंडिगो की सीढ़ी लुढ़ककर विमान की ओर बढ़ी
घटना के दौरान IndiGo की एक पैसेंजर सीढ़ी तेज हवाओं के कारण अपनी निर्धारित जगह से खिसक गई और एयर इंडिया के विमान की दिशा में बढ़ने लगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि एयरपोर्ट स्टाफ ने तेज आंधी के बीच दौड़कर सीढ़ी को रोकने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि सीढ़ी को विमान से कुछ मीटर पहले नियंत्रित कर लिया गया, जिससे संभावित बड़ा नुकसान टल गया।
तीन विमानों को पहुंचा नुकसान
तेज हवाओं के चलते केवल पैसेंजर सीढ़ी ही नहीं, बल्कि अन्य ग्राउंड सपोर्ट उपकरण और इंजीनियरिंग सामग्री भी अपनी जगह से हट गई। इनमें कुछ ट्रेस्टल्स और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल थे, जो एयर इंडिया के तीन विमानों से टकरा गए।
सूत्रों के अनुसार एक विमान को अपेक्षाकृत अधिक नुकसान हुआ है, विशेष रूप से उसके बाहरी हिस्से और स्टेयरवेल क्षेत्र में। इस विमान की मरम्मत में अधिक समय लग सकता है और फिलहाल उसे सेवा से बाहर रखा गया है।
वहीं अन्य दो विमानों को मामूली क्षति पहुंची है और प्रारंभिक मरम्मत के बाद उन्हें जल्द ही परिचालन में वापस लाया जा सकता है।
हादसे के समय विमान खाली थे
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक घटना के समय प्रभावित विमानों में कोई यात्री या क्रू सदस्य मौजूद नहीं था। इसी वजह से किसी प्रकार की जनहानि या चोट की सूचना नहीं है।
विमानों के खाली होने के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया।
मौसम को लेकर नहीं मिला था पूर्व अलर्ट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार खराब मौसम को लेकर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ओर से पहले से कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई थी। अचानक मौसम बदलने के कारण एयरलाइंस और ग्राउंड स्टाफ को उपकरणों को सुरक्षित करने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
हालांकि इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि मौसम की स्थिति को लेकर उपलब्ध जानकारी और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किस स्तर तक किया गया था।
सुरक्षा जांच शुरू
एयरपोर्ट संचालक Delhi International Airport Limited ने एहतियात के तौर पर प्रभावित विमानों को अस्थायी रूप से परिचालन से बाहर कर दिया है।
तकनीकी टीमें विमानों के नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि तेज हवाओं के दौरान ग्राउंड सपोर्ट उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
विमानन सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर ग्राउंड उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था और खराब मौसम के दौरान अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल पर सवाल उठने लगे हैं।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े हवाई अड्डों पर अचानक मौसम परिवर्तन की स्थिति में ग्राउंड सपोर्ट उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता होती है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
फिलहाल एयरपोर्ट पर सामान्य उड़ान संचालन जारी है, जबकि प्रभावित विमानों की मरम्मत और घटना की तकनीकी जांच का काम जारी है।
