मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित शिशुकुंज स्कूल में 150 से अधिक बच्चों के बीमार पड़ने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्चों की तबीयत 20 जून को स्कूल में लंच करने के बाद बिगड़नी शुरू हुई थी, लेकिन मामला दो दिनों तक सार्वजनिक नहीं हुआ। अभिभावकों ने जब स्कूल के निजी व्हाट्सएप ग्रुप पर लगातार शिकायतें साझा कीं, तब घटना का खुलासा हुआ।
बच्चों में उल्टी, दस्त, गले में संक्रमण, घबराहट और बदहजमी जैसे लक्षण सामने आए। पहले अभिभावकों को लगा कि बच्चों की तबीयत घर के भोजन से बिगड़ी होगी, लेकिन समान शिकायतें बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन को ई-मेल और व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी दी गई। सोमवार तक स्कूल को करीब 35 औपचारिक शिकायतें मिल चुकी थीं।
मामले के तूल पकड़ने के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। इसके बाद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने स्कूल में करीब चार घंटे तक जांच की।
जांच के दौरान टीम ने स्कूल के किचन, मेस और खाद्य सामग्री के भंडारण की व्यवस्था का निरीक्षण किया। पनीर, दूध, आइसक्रीम, दाल, चावल, रोटी, कोफ्ते, मसाले और पेयजल सहित कुल 23 खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। निरीक्षण के दौरान 10 पैकेट एक्सपायर्ड मसाले और दो पैकेट एक्सपायर्ड नमकीन भी मिले, जिसके बाद प्रशासन ने स्कूल का किचन सील कर दिया और संबंधित प्रकरण दर्ज किया।
सूत्रों के अनुसार, बीमार हुए अधिकांश बच्चे चौथी कक्षा या उससे कम आयु वर्ग के हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है, जिससे दूषित भोजन का असर उन पर जल्दी दिखाई देता है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि केवल एक्सपायर्ड मसाले इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने का कारण नहीं हो सकते। इसलिए जांच का मुख्य फोकस अब डेयरी उत्पादों जैसे दूध, पनीर और आइसक्रीम पर है। आशंका है कि गर्मी के मौसम में कोल्ड स्टोरेज का तापमान सही नहीं रहने से ये खाद्य पदार्थ खराब हो गए हों, जिससे फूड पॉइजनिंग जैसी स्थिति पैदा हुई।
स्कूल प्रबंधन ने कहा है कि परिसर में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी मानकों का पालन किया जाता है तथा वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। वहीं जिला प्रशासन ने लोगों से खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 0731-181 जारी करते हुए त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
