भारतीय खेल जगत को बड़ा झटका देते हुए दिग्गज निशानेबाज और प्रसिद्ध कोच जसपाल राणा का निधन हो गया है। 49 वर्षीय राणा ने अपने करियर में भारत को कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गौरवान्वित किया और बाद में एक सफल कोच के रूप में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार किया। उनके निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
जसपाल राणा को भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के साथ-साथ उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन किया। हाल के वर्षों में उन्होंने कोच की भूमिका निभाते हुए भारतीय शूटिंग टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर के शानदार प्रदर्शन और दो पदक जीतने के पीछे भी जसपाल राणा का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन माना जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जसपाल राणा का जाना भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि राणा ने अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का गौरव बढ़ाया और एक मेंटोर के रूप में अनेक युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार और खेल जगत के प्रति संवेदना व्यक्त की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शोक जताते हुए कहा कि जसपाल राणा केवल एक महान खिलाड़ी और कोच ही नहीं, बल्कि बेहद सरल, सहज और नेकदिल इंसान भी थे। उन्होंने भारत में शूटिंग को लोकप्रिय बनाने और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने भी उनके निधन को भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा की उपलब्धियां और खिलाड़ियों के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
जानकारी के अनुसार, जसपाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से लौटे थे। भारत वापस आने के दौरान उन्हें बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
जसपाल राणा के निधन से भारतीय निशानेबाजी ने एक ऐसे खिलाड़ी, कोच और मार्गदर्शक को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उनकी उपलब्धियां और खेल के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
