दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है और इसका असर देश के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। मानसून पिछले छह दिनों से तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में रुका हुआ है, जिसके कारण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन राज्यों को अच्छी बारिश के लिए अभी करीब एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है।
वर्ल्ड मेट्रोलॉजी ऑर्गनाइजेशन की हाइड्रोमेट्री टीम के सदस्य डॉ. पंकज कुमार के अनुसार, मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि इस सप्ताह के अंत तक मानसूनी गतिविधियों में सुधार हो सकता है। उन्होंने बताया कि जैसे ही जेट स्ट्रीम का मौजूदा कमजोर पैटर्न बदलेगा, मानसूनी हवाएं फिर से सक्रिय होंगी और बारिश की स्थिति बेहतर होगी।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले चार से पांच दिनों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। हालांकि, फिलहाल मानसून की गति सामान्य से धीमी बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून के कमजोर पड़ने की वजह समुद्र में नमी की कमी नहीं है, बल्कि ऊपरी वायुमंडल में बहने वाली तेज हवाओं यानी जेट स्ट्रीम का असामान्य पैटर्न है। सामान्य स्थिति की तुलना में पश्चिमी जेट स्ट्रीम अधिक दक्षिण की ओर खिसक गई है, जिससे मानसून को आगे बढ़ाने वाली हवाएं प्रभावित हो रही हैं।
15 जून को जारी सैटेलाइट तस्वीरों में भी देश के बड़े हिस्से से मानसूनी बादलों की कमी दिखाई दी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 4 जून से 15 जून के बीच देश में सामान्य 53.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 19.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इस तरह देशभर में बारिश में लगभग 64 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में पर्याप्त नमी मौजूद होने के बावजूद बादलों का अपेक्षित विकास नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि मानसून की प्रगति फिलहाल थम सी गई है। हालांकि मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में परिस्थितियां बदलेंगी और मानसून फिर से गति पकड़ेगा।
मानसून की धीमी रफ्तार का असर तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में सोमवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश के Banda में सबसे अधिक 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इसके अलावा Khajuraho में 42.6 डिग्री, Rajnandgaon में 42 डिग्री, Boudh में 42.5 डिग्री, Wardha में 41.5 डिग्री, Sheikhpura में 41.5 डिग्री और Phalodi में 42.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जेट स्ट्रीम का पैटर्न सामान्य होता है तो आने वाले दिनों में मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है और मध्य भारत के राज्यों को राहत मिल सकती है।
