महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मॉनसून की पहली ही भारी बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई और पालघर में कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई है। हालात को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दोनों जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ घंटों तक भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक तथा 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
करीब 13 दिन की देरी से मुंबई पहुंचे मॉनसून ने गर्मी से राहत तो दिलाई, लेकिन पहली ही तेज बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की कई प्रमुख सड़कें, बस डिपो और रेलवे स्टेशन जलमग्न हो गए, जिससे ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगर निगम के अनुसार, सेंट्रल मुंबई के नायर अस्पताल क्षेत्र में सबसे अधिक 78.96 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा एनएम जोशी मार्ग-लोअर परेल में 78.4 मिमी, परेल टीटी में 72.63 मिमी, मलाड बस डिपो में 61.8 मिमी और मानखुर्द में 51.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते शहर की कई मुख्य सड़कों पर लंबा जाम लग गया।
मुंबई के साथ-साथ ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। नवी मुंबई के कई हिस्सों में भी जलभराव के कारण लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर मैनहोल जाम हो गए हैं, जिससे बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा और घुटनों तक पानी भर गया है।
भारी जलभराव को देखते हुए अंधेरी सबवे को एहतियातन बंद कर दिया गया है। प्रशासन के मुताबिक, सबवे में पानी का स्तर इतना बढ़ गया था कि वहां से वाहनों की आवाजाही बेहद जोखिम भरी हो गई थी। नगर निगम की टीम मौके पर तैनात है और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।
बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि सबवे में फंसे एक ऑटो चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता किसी भी तरह की जनहानि को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
