नई दिल्ली/भीलवाड़ा: NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले परीक्षा सुरक्षा को लेकर एजेंसियां लगातार सतर्क हैं। इसी बीच राजस्थान के भीलवाड़ा से फर्जी NEET पेपर बेचने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक छात्र को हिरासत में लिया है, जो कथित रूप से अमेरिकी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल कर टेलीग्राम पर सक्रिय था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी “पेपर माफिया” नामक टेलीग्राम चैनल के जरिए छात्रों को कथित तौर पर फर्जी प्रश्नपत्र बेचने का प्रयास कर रहा था। केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद वह विदेशी नेटवर्क के माध्यम से प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा था।
दूसरी ओर, दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम द्वारा केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत केंद्र सरकार को आवश्यक परिस्थितियों में ऐसे कदम उठाने का अधिकार प्राप्त है।
न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि मामले की समीक्षा संबंधित समिति द्वारा भी की गई थी और सरकार का निर्णय उचित प्रक्रिया के तहत लिया गया है। अदालत ने माना कि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा उठाया गया कदम न्यायोचित है।
केंद्र सरकार ने 16 जून को आदेश जारी कर टेलीग्राम की सेवाओं पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगाई थी। सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का तर्क है कि कुछ समूह टेलीग्राम चैनलों और बॉट्स का इस्तेमाल कर छात्रों को फर्जी पेपर और गलत जानकारी उपलब्ध करा रहे थे।
इस बीच NEET री-एग्जाम में शामिल होने वाले छात्रों की सुविधा के लिए वेस्टर्न रेलवे ने विशेष ट्रेनों की घोषणा की है। रेलवे के अनुसार गुजरात और महाराष्ट्र के प्रमुख मार्गों पर तीन स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, ताकि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
परीक्षा एजेंसियों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी कथित पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्र या भ्रामक संदेशों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें।
फिलहाल परीक्षा सुरक्षा को लेकर निगरानी और सख्त कर दी गई है तथा संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
