देश के अधिकांश हिस्सों में लोग मानसून की बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सोमवार को मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक के शेष हिस्सों, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में आगे बढ़त दर्ज की है। हालांकि उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों को राहत के लिए अभी कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक अगले 48 घंटों में मानसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं।
मौसम विभाग ने विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की है। विदर्भ में दिन के साथ-साथ रात के समय भी गर्म हवाएं चल सकती हैं। वहीं छत्तीसगढ़, तेलंगाना और बिहार के कुछ इलाकों में भी लू का असर बना रहेगा। उत्तर प्रदेश का बांदा सोमवार को देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिल्ली-एनसीआर में अगले चार दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, लेकिन तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है।
पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इस सप्ताह पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा होने का अनुमान है, जबकि मेघालय के कुछ इलाकों में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है।
दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना है। कई स्थानों पर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में 22 से 27 जून के बीच तेज हवाएं और खराब समुद्री परिस्थितियां बनने की चेतावनी दी है। मछुआरों को इस अवधि में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
