Skip to content

Primary Menu
  • Home
  • Gujarat
  • News
  • Sports
  • English
  • Hindi
  • Home
  • Hindi
  • हॉर्मुज संकट के बीच भारत के लिए नई जीवनरेखा बना ओमान

हॉर्मुज संकट के बीच भारत के लिए नई जीवनरेखा बना ओमान

हॉर्मुज संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और ओमान के बीच लागू हुआ CEPA समझौता देश की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है।
user2 June 2, 2026
72ccafb0-2a83-4db9-bd2a-8a3edd207a71

पश्चिम एशिया में जारी तनाव, अमेरिका-ईरान संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बने संकट ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार को प्रभावित कर दिया है। वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में भारत ने अपने व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

1 जून 2026 से भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (Comprehensive Economic Partnership Agreement-CEPA) लागू हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता केवल एक व्यापारिक करार नहीं, बल्कि भविष्य में किसी भी भू-राजनीतिक संकट के दौरान भारत के लिए रणनीतिक सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।

क्यों महत्वपूर्ण है स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख तेल उत्पादक देशों से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी मार्ग से होकर दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है।

दुनिया के समुद्री मार्ग से होने वाले कुल तेल व्यापार का लगभग एक-चौथाई हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। वैश्विक तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत भी इसी मार्ग पर निर्भर माना जाता है।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से पूरा करता है। सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात से आने वाला तेल और गैस भी इसी मार्ग से होकर भारत पहुंचता है।

ऐसे में हॉर्मुज में किसी भी प्रकार की बाधा भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर डाल सकती है।

भारत के लिए क्यों खास है ओमान?

विशेषज्ञों के अनुसार ओमान की सबसे बड़ी ताकत उसका भौगोलिक स्थान है।

अन्य खाड़ी देशों के विपरीत, ओमान का बड़ा समुद्री तट सीधे अरब सागर और ओमान की खाड़ी से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब यह है कि उसके प्रमुख बंदरगाह हॉर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर फंसे नहीं हैं।

यही कारण है कि यदि भविष्य में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह बंद भी हो जाए तो भी ओमान के कई बंदरगाहों तक समुद्री जहाजों की आवाजाही जारी रह सकती है।

दुक्म और सलालाह बंदरगाह बनेंगे गेम चेंजर

ओमान के दो प्रमुख बंदरगाह — पोर्ट ऑफ दुक्म और पोर्ट ऑफ सलालाह — भारत के लिए विशेष महत्व रखते हैं।

इन बंदरगाहों की रणनीतिक स्थिति उन्हें पश्चिम एशिया के संकटग्रस्त इलाकों से अपेक्षाकृत सुरक्षित बनाती है। यदि क्षेत्रीय तनाव बढ़ता है तो भारत इन बंदरगाहों के माध्यम से तेल, गैस, उर्वरक और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में दुक्म बंदरगाह भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है।

व्यापार में दिखने लगा असर

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के आंकड़ों के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के दौरान कई देशों के साथ भारत का व्यापार प्रभावित हुआ।

अप्रैल 2025 की तुलना में अप्रैल 2026 में खाड़ी क्षेत्र के कई देशों से भारत का आयात और निर्यात दोनों घटे। हालांकि ओमान के साथ स्थिति बिल्कुल अलग रही।

इस अवधि में ओमान से भारत आने वाले सामान में लगभग 246 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आयात का मूल्य लगभग 35 अरब रुपये से बढ़कर 124 अरब रुपये के आसपास पहुंच गया।

इस वृद्धि का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल, एलएनजी और उर्वरकों की बढ़ी हुई खरीद रही।

भारत को क्या मिलेगा फायदा?

CEPA लागू होने के बाद ओमान भारत से आने वाले लगभग 98 प्रतिशत उत्पादों पर सीमा शुल्क समाप्त कर देगा।

इससे भारतीय कंपनियों के लिए ओमान के बाजार में प्रतिस्पर्धा करना आसान होगा। भारतीय उत्पाद पहले की तुलना में सस्ते होंगे और उनकी मांग बढ़ सकती है।

भारत मुख्य रूप से ओमान को निम्नलिखित वस्तुएं निर्यात करता है:

  • रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद
  • नैफ्था
  • चावल
  • मशीनरी
  • स्टील और लोहे के उत्पाद
  • एल्युमिना
  • इंजीनियरिंग उत्पाद

टैरिफ समाप्त होने से इन क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।

ओमान को क्या मिलेगा?

यह समझौता केवल भारत के हितों तक सीमित नहीं है।

ओमान भारत के लिए ऊर्जा, एलएनजी, मेथनॉल, अमोनिया और उर्वरकों का महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता है।

वित्तीय वर्ष 2026 में भारत ने ओमान से लगभग 597 अरब रुपये का आयात किया था। इसमें:

  • कच्चा तेल
  • एलएनजी
  • उर्वरक
  • मेथनॉल
  • अमोनिया

जैसी वस्तुएं प्रमुख थीं।

अब व्यापारिक बाधाएं कम होने से ओमान भारत के लिए और भी बड़ा ऊर्जा साझेदार बन सकता है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है। देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।

ऐसे में किसी भी भू-राजनीतिक संकट का असर सीधे भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि CEPA समझौता भारत को निम्नलिखित लाभ देगा:

  • ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता
  • तेल और गैस के वैकल्पिक मार्ग
  • उर्वरक आपूर्ति की सुरक्षा
  • व्यापारिक जोखिम में कमी
  • सप्लाई चेन की मजबूती

यानी यह समझौता केवल व्यापार बढ़ाने का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा की रणनीति का भी हिस्सा है।

पिछले पांच वर्षों का पांचवां बड़ा समझौता

भारत और ओमान के बीच इस समझौते पर 18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षर किए गए थे।

यह पिछले पांच वर्षों में भारत द्वारा लागू किया गया पांचवां मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है। इससे पहले भारत कई देशों और आर्थिक समूहों के साथ भी ऐसे समझौते कर चुका है।

सरकार का लक्ष्य वैश्विक व्यापार में भारत की भागीदारी बढ़ाने और निर्यात को नई गति देने का है।

भविष्य की दिशा

हॉर्मुज संकट ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि केवल एक समुद्री मार्ग पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे समय में ओमान के साथ CEPA समझौता भारत को एक वैकल्पिक और सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराता है।

ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार विस्तार और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से यह समझौता आने वाले वर्षों में भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो ओमान भारत के लिए सिर्फ एक व्यापारिक साझेदार नहीं बल्कि ऊर्जा सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद सहयोगी बनकर उभर सकता है।

About The Author

user2

See author's posts

Share this post:

Share on X (Twitter) Share on Facebook Share on WhatsApp Share on Telegram

Post navigation

Previous: मदर डेयरी ने लॉन्च किया भारत का पहला बायोडिग्रेडेबल दूध पाउच
Next: मां बोली- “मुझे लाखों रुपये नहीं, मेरे बेटे के लिए इंसाफ चाहिए”

Related News

Gemini_Generated_Image_himl4phiml4phiml

नोएडा की अरण्य सोसायटी में AC ब्लास्ट के बाद भीषण आग, तीन फ्लैट जलकर खाक

user2 June 29, 2026
Khan-Sir-Real-Name-1

खान सर के बॉडीगार्ड्स के हथियारों पर बड़ा खुलासा, पुलिस जांच में लाइसेंस नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई

user2 June 29, 2026
Gemini_Generated_Image_p3amg0p3amg0p3am

स्निफर डॉग की सतर्कता से 11 करोड़ रुपये का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त

user2 June 29, 2026

Recent News

Gemini_Generated_Image_himl4phiml4phiml

नोएडा की अरण्य सोसायटी में AC ब्लास्ट के बाद भीषण आग, तीन फ्लैट जलकर खाक

user2 June 29, 2026
Khan-Sir-Real-Name-1

खान सर के बॉडीगार्ड्स के हथियारों पर बड़ा खुलासा, पुलिस जांच में लाइसेंस नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई

user2 June 29, 2026
Gemini_Generated_Image_p3amg0p3amg0p3am

स्निफर डॉग की सतर्कता से 11 करोड़ रुपये का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त

user2 June 29, 2026
ChatGPT Image Jun 29, 2026, 11_10_15 AM

पुणे मर्डर केस में बड़ा खुलासा: सिया के इशारे पर चेतन ने केतन को खाई में धक्का दिया

user2 June 29, 2026
3c172d93-786c-42b6-a5bc-cfabacc96eeb

22 राज्यों तक पहुंचा मानसून, रफ्तार धीमी; पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट

user2 June 29, 2026
ChatGPT Image Jun 27, 2026, 04_49_50 PM

वेनेजुएला में फिर भूकंप के झटके, मौतों का आंकड़ा 920 पहुंचा; 51 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता

user2 June 27, 2026
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.