ट्रेनों में यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने अपनी AI आधारित निगरानी प्रणाली का बड़े पैमाने पर विस्तार किया है। अब देशभर के 800 से अधिक रेलवे किचनों में 2,394 कैमरों के जरिए भोजन तैयार करने की प्रक्रिया पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
यह अत्याधुनिक सिस्टम किचनों में स्वच्छता से जुड़ी नौ प्रमुख गतिविधियों और खामियों की पहचान करता है। इनमें कर्मचारियों द्वारा हेयरनेट पहनना, दस्तानों का उपयोग, सफाई व्यवस्था, फर्श की धुलाई, किचन की साफ-सफाई और चूहे, मक्खी या कॉकरोच जैसे कीटों की मौजूदगी शामिल है। AI तकनीक किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आते ही संबंधित किचन प्रबंधक को तुरंत अलर्ट भेज देती है।
IRCTC के अनुसार, हर दिन औसतन 350 से अधिक अलर्ट या शिकायत टिकट सिस्टम द्वारा जनरेट किए जाते हैं। यदि निर्धारित समय के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया जाता तो मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मामलों में दो घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
रेलवे के लिए भोजन की गुणवत्ता हमेशा एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है क्योंकि हर वर्ष करोड़ों यात्री रेलवे के भोजन पर निर्भर रहते हैं। यात्रियों की शिकायतों को कम करने और खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से यह तकनीकी पहल शुरू की गई थी, जिसका दायरा अब लगातार बढ़ाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित निगरानी व्यवस्था न केवल रेलवे किचनों में पारदर्शिता बढ़ाएगी बल्कि भविष्य में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए एक नया मॉडल भी स्थापित करेगी। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराया जाए, जिससे यात्रा का अनुभव और अधिक भरोसेमंद बन सके।
