देशभर में भीषण गर्मी के बीच अब राहत की खबर सामने आ रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल तट पर पहुंचने की परिस्थितियां तेजी से अनुकूल होती दिखाई दे रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो मानसून केरल में जल्द दस्तक दे सकता है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इस बार मानसून के आगमन में देरी देखने को मिली है। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष इसकी प्रगति धीमी रही। हालांकि अब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की एंट्री के बाद देश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।
दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और जलभराव जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरी ओर उत्तर और पश्चिम भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना समेत कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन गतिविधियों के पीछे क्यूम्युलोनिम्बस बादलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन्हें मौसम का “पावरहाउस क्लाउड” भी कहा जाता है क्योंकि यही बादल तेज आंधी, गरज-चमक और भारी वर्षा का कारण बनते हैं। कई राज्यों में इन बादलों के सक्रिय होने से अचानक मौसम परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
हालांकि बारिश की गतिविधियों के बावजूद देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। गुजरात, पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
मौसम विभाग ने देश के 24 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए विभिन्न स्तर के अलर्ट जारी किए हैं। राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में भी अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
केरल में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। कई जिलों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसका अर्थ है कि वहां 11 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून केवल कृषि के लिए ही नहीं बल्कि देश की जल आपूर्ति, बिजली उत्पादन और अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। भारत की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है और अच्छी मानसूनी बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आती है। इसी कारण मानसून की प्रगति पर पूरे देश की नजर बनी रहती है।
आने वाले दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने की संभावना है। यदि इसकी गति सामान्य रही तो अगले कुछ सप्ताह में यह पश्चिमी और मध्य भारत के बड़े हिस्सों को कवर कर सकता है। फिलहाल मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है।
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जहां एक ओर दक्षिण भारत में मानसून की बारिश शुरू होने वाली है, वहीं उत्तर और पश्चिम भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों और सलाह का पालन करने की आवश्यकता है ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके।
